
प्रविष्टि तिथि: 05 MAY 2026 5:26PM by PIB Raipur
देश के किसानों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके बुढ़ापे को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। ‘बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की’ शीर्षक वाली यह महत्वपूर्ण संगोष्ठी आगामी बुधवार, 06 मई 2026 को रायपुर के वीआईपी रोड स्थित होटल बेबीलोन इंटरनेशनल में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आयोजित होगी।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के अन्नदाताओं को सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना है। आयोजन में पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के उप-महाप्रबंधक (DGM) श्री मनोज कुमार तिवारी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension System – NPS) की बारीकियों, शीघ्र निवेश के दूरगामी लाभों और इसके माध्यम से भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराएंगे।

खेती की अनिश्चितता के बीच पेंशन बनेगा मजबूत आधार
भारत की लगभग 55 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, जिसमें से 86 प्रतिशत किसान सीमांत श्रेणी में आते हैं। भूमि के निरंतर बंटवारे और कृषि आय की अनिश्चितता के कारण बुढ़ापे में वित्तीय चुनौतियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में पीएफआरडीए की यह पहल विशेष रूप से किसानों, छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों और गृहिणियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में प्रस्तुत की जा रही है। एनपीएस (NPS) में कम निवेश से शुरू होने वाली बचत चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति के कारण लंबी अवधि में एक विशाल कोष और स्थायी मासिक आय में परिवर्तित हो जाती है।
प्रमुख हितधारकों की सहभागिता
इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), छत्तीसगढ़ के संयोजक सहित सभी प्रमुख बैंकों के राज्य प्रमुख, राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान व शिल्पकार शामिल होंगे।
एनपीएस की विशेषताएं जो इसे बनाती हैं खास:
बाजार आधारित उत्कृष्ट रिटर्न: सुरक्षित निवेश के साथ विकास की संभावना।
अनुशासित बचत: भविष्य के प्रति एक व्यवस्थित निवेश की आदत।
कंपाउंडिंग का लाभ: लंबी अवधि में छोटी बचत का बड़ी पूंजी में परिवर्तन।
एकमुश्त राशि व आजीवन आय: सेवानिवृत्ति पर संचित राशि का एक हिस्सा नकद और शेष से आजीवन पेंशन।
बदलते सामाजिक परिवेश और एकल परिवार की बढ़ती व्यवस्था में यह योजना असंगठित क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद साथी सिद्ध होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस प्रकार समय पर बोया गया बीज ही अच्छी फसल की गारंटी देता है, ठीक उसी प्रकार युवावस्था में शुरू किया गया एनपीएस निवेश वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन का आधार बनता है।





















