
Raipur chhattisgarh VISHESH मानवता की सेवा में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों का जीवन बचाने वाले साहसी नागरिकों को सम्मानित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए प्रतिष्ठित ‘जीवन रक्षा पदक’ श्रृंखला के पुरस्कारों हेतु राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से नामांकन आमंत्रित किए हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि ऐसे व्यक्तियों की सिफारिशें भेजी जाएं, जिन्होंने डूबने, आग लगने, बिजली का करंट लगने, भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं, जानवरों के हमले अथवा खदानों में बचाव कार्यों के दौरान असाधारण साहस और निस्वार्थ सेवा का परिचय दिया हो, किन्तु जिनके कार्यों को अब तक औपचारिक मान्यता नहीं मिल सकी है।

‘जीवन रक्षा पदक’ श्रृंखला को तीन श्रेणियों—सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक तथा जीवन रक्षा पदक—में प्रदान किया जाता है। सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक उन मामलों में दिया जाता है, जहां बचावकर्ता ने अत्यधिक जोखिम की स्थिति में विशिष्ट साहस दिखाया हो। उत्तम जीवन रक्षा पदक गंभीर खतरे की परिस्थितियों में त्वरित और साहसिक कार्रवाई के लिए प्रदान किया जाता है, जबकि जीवन रक्षा पदक उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्हें बचाव कार्य के दौरान गंभीर शारीरिक चोट का सामना करना पड़ा हो।
इन पुरस्कारों की विशेषता यह है कि समाज के सभी वर्गों के व्यक्ति इसके पात्र हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, केंद्रीय पुलिस संगठन तथा मान्यता प्राप्त अग्निशमन सेवाओं के सदस्य भी इसके लिए पात्र होंगे, बशर्ते उन्होंने यह कार्य अपनी नियमित ड्यूटी से परे जाकर किया हो। उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रचलित ‘जीवन रक्षक पदक’ के अंतर्गत आने वाले प्रधानमंत्री पुलिस पदक को अब इसी श्रृंखला में समाहित कर दिया गया है। यह सम्मान मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2026 के लिए केवल उन्हीं घटनाओं पर विचार किया जाएगा, जो 1 अक्टूबर 2024 के बाद घटित हुई हैं। नामांकन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन रखी गई है और अधिकृत प्राधिकारी ‘राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल’ के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
प्राप्त नामांकनों की समीक्षा एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी, जिसके बाद अनुशंसाएं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजी जाएंगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के उपरांत चयनित व्यक्तियों को पदक, प्रमाण पत्र तथा निर्धारित मौद्रिक भत्ता प्रदान किया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य इन पुरस्कारों के माध्यम से समाज में साहस, निस्वार्थ सेवा और आपसी सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना है, ताकि संकट की घड़ी में नागरिक एक-दूसरे की सहायता के लिए आगे आएं।





















