
Raipur chhattisgarh VISHESH : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर, जिला प्रशासन धमतरी तथा बीआरपी शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के बीच 15 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के धमतरी में STREE (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (DSIR) द्वारा लगभग ₹90 लाख की वित्तीय सहायता से संचालित इस 36 माह की परियोजना का उद्देश्य 300 ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है। इसके अंतर्गत फाइबर निष्कर्षण, कोसा (ककून) सिल्क प्रोसेसिंग, आधुनिक बुनाई तकनीक, उत्पाद डिज़ाइन, उद्यमिता विकास एवं बाज़ार से जोड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे विशेष रूप से वंचित एवं कृषि आधारित समुदायों की महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सतत आजीविका के अवसर मिल सकें।
धमतरी कलेक्टोरेट में आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में श्री अबिनाश मिश्रा, आईएएस, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, धमतरी; प्रो. एन वी रमना राव, निदेशक , एन आई टी रायपुर, डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक एवं फैकल्टी इंचार्ज (एन आई टी आर आर एफ आई ई); तथा श्री पवन कटारिया, सहायक कुलसचिव एवं अधिकारी इंचार्ज (एन आई टी आर आर एफ आई ई) शामिल रहे। इसके साथ ही बीआरपी शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस परियोजना का क्रियान्वयन एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) द्वारा किया जाएगा, जिसमें बीआरपी पॉलिटेक्निक ऑन-ग्राउंड सहयोगी के रूप में कार्य करेगा। यह पहल शैक्षणिक संस्थानों, सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय को दर्शाती है।


इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि यह साझेदारी समावेशी नवाचार और जमीनी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए एक स्थायी और विस्तार योग्य मॉडल तैयार करेगी। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने धमतरी की हैंडलूम और कृषि आधारित आजीविका में संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल वैज्ञानिक एवं तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से स्थानीय क्षमताओं को सुदृढ़ करेगी और ग्रामीण महिलाओं की आय तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी। वहीं डॉ. अनुज कुमार शुक्ला ने कहा कि STREE परियोजना तकनीक, कौशल विकास और उद्यमिता को एकीकृत कर एक स्थायी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का प्रयास है, जिससे महिलाएं स्थानीय संसाधनों का बेहतर मूल्य संवर्धन कर आत्मनिर्भर बन सकें।
इस सहयोग की सफल परिकल्पना एवं क्रियान्वयन में एनआईटीआरआरएफआईई के बोर्ड निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। एनआईटीआरआरएफआईई टीम जिसमें श्री पवन कटारिया (सहायक कुलसचिव एवं अधिकारी इंचार्ज, इन्क्यूबेशन), सुश्री मेधा सिंह (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) एवं श्री सुनील देवांगन (इन्क्यूबेशन मैनेजर) शामिल हैं ने इस साझेदारी को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिला प्रशासन की ओर से श्री गजेंद्र ठाकुर (सीईओ, जिला पंचायत), डॉ. शैलेंद्र आनंद (सहायक निदेशक, CSSDA, धमतरी) एवं श्री जय वर्मा (डीपीएम, CGSRLM) का विशेष सहयोग रहा, जिनके समन्वित प्रयासों से परियोजना के सुचारु स्थानीय क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया गया





















