छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का के संबंध में प्रेस वार्ता https://www.youtube.com/live/G_k7KC6pf0M?si=kAiCtmcnbsyBi9Pd
मकानसूचीकरण और मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक; पहली बार मोबाइल एप से होगा डिजिटल डेटा संकलन
स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना के लिए छत्तीसगढ़ में 62,500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात; टोल-फ्री नंबर 1855 क्रियाशील

Raipur chhattisgarh VISHESH छत्तीसगढ़ राज्य में ‘भारत की जनगणना 2027’ के सफल क्रियान्वयन हेतु आज सर्किट हाउस, रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) श्री मनोज कुमार पिंगुआ और निदेशक (जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण) श्री कार्तिकेय गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए आगामी जनगणना की रूपरेखा और तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1872 से शुरू हुई जनगणना की श्रृंखला में यह 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी ।

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है, जिसमें देश में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प दिया जा रहा है । छत्तीसगढ़ में जनगणना का कार्य दो चरणों में संपादित होगा, जिसमें प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) 01 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा । स्व-गणना का विकल्प चुनने वाले नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी स्वयं भर सकते हैं, जिसके पश्चात उन्हें प्राप्त SE ID प्रगणक के साथ साझा करनी होगी।

डेटा सुरक्षा पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी । इस जानकारी का उपयोग टैक्स, पुलिस जांच या किसी भी कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता है; इसका उपयोग केवल प्रदेश एवं देश के विकास हेतु योजनाएं बनाने के लिए होगा । राज्य के 33 जिलों और 19,978 ग्रामों में इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए लगभग 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं । आमजन की सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर 1855 भी 16 अप्रैल 2026 से क्रियाशील हो जाएगा।

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रमेश दौलतराव जायभाये / पुरुषोत्तम झा





















