
| मुख्य बिन्दु |
| वुमनिया पहल महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को जेम पोर्टल के माध्यम से अपने उत्पादों को सीधे सरकारी खरीदारों को बेचने में सक्षम बनाती है।इस पहल के अंतर्गत हस्तशिल्प, हथकरघा, जूट, नारियल रेशा, घरों एवं कार्यालयों में साज-सज्जा जैसी निर्धारित श्रेणी के उत्पाद सम्मिलित किए गए हैं।वित्त वर्ष 2025-26 में जेम पोर्टल पर 2.1 लाख से अधिक महिला सूक्ष्म उद्यमी पंजीकृत हुए, जिन्हें 13.7 लाख ऑर्डर प्राप्त हुए। |
| परिचय: वुमनिया – प्रत्येक महिला के लिए खोलती द्वार |
भारत में सार्वजनिक खरीद एक प्रमुख संगठित बाजार है। जेम पोर्टल के माध्यम से डिजिटल मंच से खरीद का दायरा व्यापाक होता है। यह प्रणाली पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए मानकीकृत और व्यापक आपूर्तिकर्ता आधार को सुलभ बनाती है। सरकार ने महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों तथा स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2019 में जेम पर वुमनिया पहल का शुभारंभ किया था। इस पहल का उद्देश्य एक समर्पित डिजिटल मंच के माध्यम से पहुँच संबंधी आवश्यकताओं को सरल बनाकर तथा महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता
| जेम पोर्टल क्या है?सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) जेम पोर्टल एक ऑनलाइन मंच है, जो विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य मंत्रालयों, विभागों, संगठनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पंचायतों और सहकारी संस्थाओं द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की एंड टू एंड खरीद प्रक्रिया को सुगम बनाता है। वर्ष 2016 में “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” के दृष्टिकोण के अंतर्गत प्रारंभ किया गया जेम एक कागज रहित, नकद रहित और संपर्क रहित मंच है, जो सरकारी खरीदारों को पूरे भारत के विक्रेताओं से सीधे ऑनलाइन वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करने में सक्षम बनाता है।अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर जाएं:https://gem.gov.in/ |
समूहों के लिए सरकारी खरीदारों से जुड़ने के संरचित अवसर तैयार कर सार्वजनिक खरीद में उनकी भागीदारी को सशक्त बनाना है।

| वुमनिया पहल: महिला उद्यमियों के लिए एक समर्पित मंच |
वुमनिया पहल जेम मंच पर एक समावेशन-केंद्रित पहल है, जो सरकारी बाजारों तक महिलाओं की औपचारिक सीमित पहुँच से जुड़ी बाधाओं को दूर करने में सहायक है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत यह पहल एक समर्पित डिजिटल मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से महिला सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी और स्वयं सहायता समूह इस मंच पर पंजीकरण कर हथकरघा, जूट, नारियल रेशा तथा गृह सज्जा की वस्तुएँ जैसे अपने उत्पादों को सूचीबद्ध कर सकते हैं, जिन्हें भारत भर में केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा सीधे खरीदा जा सकता है।
| 💡क्या आप जानते हैं?स्वयं सहायता समूह (एस एच जी) जमीनी स्तर के अनौपचारिक संगठन हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है। सामान्यतः एक एस एच जी में 10 से 20 सदस्य होते हैं, जो अपने संसाधनों को एकत्रित करते हैं, मिलकर बचत करते हैं, एक-दूसरे की सहायता करते हैं तथा आय सृजन से संबंधित गतिविधियों में संलग्न रहते हैं।फरवरी 2026 तक, 10.05 करोड़ महिलाओं को 90.09 लाख स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया जा चुका है, जिससे वित्तीय समावेशन और सामूहिक आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है। |
यह पहल महिला उद्यमियों को बाजार में बेहतर पहचान प्रदान कर, खरीदार और विक्रेता के बीच पारदर्शी संवाद सुनिश्चित करती है जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है। साथ ही, यह सरकार की व्यापक समावेशन प्राथमिकताओं के अनुरूप है और निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्देश्यों को समर्थन प्रदान करती है:
| स्वायत्त क्या है?स्वायत्त (एस डब्ल्यू ए वाई ए टी टी – ई-लेनदेन के माध्यम से स्टार्टअप्स, महिलाओं एवं युवाओं को लाभ) एक ऐसी पहल है, जिसे सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जेम) द्वारा फरवरी 2019 में शुरू किया गया। इसका उद्देश्य सरकारी खरीद (पब्लिक प्रोक्योरमेंट) में सभी वर्गों की समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह पहल स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, युवाओं, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एम एस ई), स्वयं सहायता समूहों (एस एच जी) तथा वंचित वर्गों को सरकारी बाजारों तक पहुंच प्रदान करने पर केंद्रित है। स्वायत्त का मुख्य लक्ष्य इन वर्गों को समावेशी पहल का हिस्सा बनने में आने वाली बाधाओं को दूर करना तथा जेम प्लेटफॉर्म पर व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है। |
आपूर्तिकर्ताओं की विविधता का विस्तार करना,
- महिला-नेतृत्व वाले उद्यमिता को सुदृढ़ करना, तथा
- अल्प-प्रतिनिधित्व वाले समूहों को संगठित खरीद तंत्र में सम्मिलित करना
वुमनिया पहल, स्वायत्त कार्यक्रम के अंतर्गत व्यापक समावेशन एजेंडा को पूरक रूप से सशक्त बनाती है।
| वुमनिया के अंतर्गत उत्पाद श्रेणियाँ |
वुमनिया पहल के अंतर्गत उन उत्पाद श्रेणियों (प्रोडक्ट सेगमेंट्स) को समूहबद्ध किया जाता है, जिनमें महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों (एस एच जी) की उत्पादन क्षमता पहले से ही अच्छी है। इन श्रेणियों की औपचारिक पहचान की जाती है तथा जेम पर विशेष रूप से तैयार (क्यूरेटेड) स्टोरफ्रंट्स के माध्यम से इन्हें सरकारी खरीदारों के लिए आसानी से खोजने योग्य बनाया जाता है। इनमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:
- वुमनिया हस्तशिल्प
- वुमनिया ग्रॉसरी एवं पेंट्री
- वुमनिया ऑफिस ऐसेसरीज
- वुमनिया हथकरघा वस्त्र
- वुमनिया व्यक्तिगत स्वच्छता एवं देखभाल से जुड़ी वस्तुएं

इन उत्पादों को एकीकृत श्रेणी ढांचे के अंतर्गत सूचीबद्ध करने से जेम पर उनकी खोज (उत्पाद तलाश) आसान हो जाती है तथा विभागों के लिए महिला-नेतृत्व वाले उत्पादकों से बड़े पैमाने पर खरीद करना अधिक सुगम बन जाता है।
| वुमनिया पहल के प्रमुख फीचर्स |
यह पहल जेम प्लेटफॉर्म की विशेष सुविधाओं का उपयोग करते हुए महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों (एस एच जी) के लिए नए अवसरों के द्वार खोलती है। इससे उन्हें सरकारी बाजारों तक पहुंच प्राप्त होती है, अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है तथा एक पारदर्शी और सहयोगात्मक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में अपने व्यवसाय को क्रमिक रूप से विस्तार देने में सहायता मिलती है।

महिला उद्यमियों एवं एस एच जी की डिजिटल ऑनबोर्डिंग
महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एम एस ई) को उद्यम सत्यापन एवं आवश्यक दस्तावेजों के माध्यम से एक डिजिटल प्रक्रिया के जरिए प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाता है। इसके अतिरिक्त, जेम द्वारा ऑफलाइन एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशालाओं के माध्यम से आयोजित गहन ऑनबोर्डिंग सत्रों द्वारा महिला एम एस ई का प्रक्रिया में आगे बढ़ाने के लिए एवं क्षमता निर्माण को और सुदृढ़ किया जाता है।
मानकीकृत कैटलॉग को सूचीबद्ध करना
उत्पादों को निर्धारित तकनीकी व्यवस्था क्रम के साथ एकरूप कैटलॉग टेम्पलेट्स के माध्यम से सूचीबद्ध किया जाता है, जिससे विभिन्न विक्रेताओं के बीच उत्पादों की तुलना सुनिश्चित होती है तथा खरीदारों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया सरल हो जाती है।
पारदर्शी एवं पूर्ण रूपेण डिजिटल खरीद प्रक्रिया
सभी खरीद संबंधी गतिविधियाँ, जैसे निविदा, खरीद ऑर्डर जारी करना, स्वीकृति, बिलिंग तथा भुगतान आदि, पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपादित की जाती हैं। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है तथा महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों और सरकारी खरीदारों के बीच सीधे संवाद एवं लेन-देन को बढ़ावा मिलता है।
समय सीमा में स्वीकृति एवं भुगतान व्यवस्था
पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने के करण भुगतान समय पर सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है, जो सीमित कार्यशील पूंजी के साथ कार्य करने वाले सूक्ष्म एवं लघु आपूर्तिकर्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान करते हैं।
प्रशिक्षण, पहुँच और सहायता सेवाएं
स्वायत्त एवं वुमनिया जैसे लक्षित कार्यक्रमों के अंतर्गत, जेम द्वारा विभिन्न राज्यों में ऑनबोर्डिंग कार्यशालाएं, स्थानीय भाषाओं में प्रशिक्षण तथा क्रेता-विक्रेता बैठकें जैसी क्षमता निर्माण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
| सहभागिता से संपन्नता: वुमनिया प्रभाव |
“जेम पर वुमानिया” का क्रियान्वयन एक लैंगिक समावेशी खरीद पोर्टल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सरकारी खरीदार वुमनिया के अंतर्गत सूचीबद्ध उत्पादों के लिए ऑर्डर देकर मांग सृजित करते हैं तथा महिला उत्पादकों को खरीद प्रक्रिया में समेकित करते हैं।
जिला प्रशासन, उद्यम सहायता केंद्र तथा प्रशिक्षण संस्थान जमीनी स्तर पर विक्रेताओं की तैयारी को सुदृढ़ करने हेतु ऑनबोर्डिंग अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा उत्पाद कैटलॉग कार्यशालाएं आयोजित करते हैं।
उल्लेखनीय है कि वुमनिया पहल ने अपने आरंभ के बाद से उल्लेखनीय विस्तार किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में:
- 2.1 लाख महिला नेतृत्व वाले एम एस ई का जेम पोर्टल पर पंजीकरण हुआ, जिन्हें 13.7 लाख ऑर्डर प्राप्त हुए।
- महिला सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 28,000 करोड़ से अधिक के अनुबंध प्रदान किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27.60% की वृद्धि दर्शाता है।
- जेम के कुल ऑर्डरों में से 5.6% हिस्सेदारी महिला एम एस ई को प्रदान की गई, जो निर्धारित 3% खरीद लक्ष्य से उल्लेखनीय रूप से अधिक है।

यह पहल एक विशेष समावेशन प्रयास से विकसित होकर देश में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए सबसे बड़े संगठित सार्वजनिक खरीद मंचों में से एक बन गई है।
डिजिटल अवसंरचना, जमीनी स्तर पर अभिसरण, क्षमता निर्माण तथा संस्थागत मांग आदि की परस्पर सम्बद्ध भूमिकाएं मिलकर एक समन्वित सक्षम वातावरण तैयार करती हैं, जो बड़े स्तर पर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को समर्थन प्रदान करता है।
| निष्कर्ष : समाज की आधी आबादी को बेहतर प्रतिनिधित्व प्रदान करने वाला बाजार मंच |
महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों एवं स्वयं सहायता समूहों (एस एच जी) को भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक बाजारों में से एक तक सीधी पहुंच प्रदान कर, जेम पर वुमनिया पहल उनकी मौजूदा उत्पादन क्षमताओं को औपचारिक एवं सतत उद्यम भागीदारी में परिवर्तित करती है।
जैसे-जैसे अधिक महिलाएं अपनी पहचान स्थापित करती हैं, क्षमता का विकास करती हैं और सरकारी खरीदारों से जुड़ती हैं, वुमनिया केवल एक खरीद पहल न रहकर आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं व्यापक प्रतिनिधित्व का एक सशक्त माध्यम बन जाती है। यह सुनिश्चित करता है कि सार्वजनिक खरीद प्रणाली समाज के इस महत्वपूर्ण वर्ग की क्षमताओं एवं आकांक्षाओं को समुचित रूप से प्रतिबिंबित करे।





















