
प्रविष्टि तिथि: 10 MAR 2026 6:40PM by PIB Raipur
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई–दुर्ग के तत्वावधान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई द्वारा महिला कार्मिकों के लिए नराकास स्तरीय तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सदस्य संस्थानों की महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी अभिव्यक्ति और वक्तृत्व कौशल का प्रभावी प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) तथा प्रभारी राजभाषा, भिलाई इस्पात संयंत्र एवं सचिव नराकास भिलाई–दुर्ग श्री राजीव कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आईआईटी भिलाई के उपकुलसचिव (प्रशासन) एवं हिंदी अधिकारी श्री सचिन मिश्र, प्रशासनिक सलाहकार श्री सुभाष पाण्डे तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन–राजभाषा) श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी सहित विभिन्न सदस्य संस्थानों के प्रतिभागी, छात्र-छात्राएँ और कार्मिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

स्वागत उद्बोधन में आईआईटी भिलाई के उपकुलसचिव (प्रशासन) श्री सचिन मिश्र ने कहा कि इस प्रकार के बौद्धिक और रचनात्मक आयोजन हिंदी भाषा के प्रति रुचि और सम्मान को बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों के बीच वैचारिक संवाद को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और राजभाषा हिंदी का समन्वय आधुनिक भारत की आवश्यकता है और इस दिशा में नराकास भिलाई–दुर्ग की पहल सराहनीय है।
मुख्य अतिथि श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि आईआईटी भिलाई अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थान है, जिसने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से सदस्य संस्थानों की महिला कार्मिकों को अपनी प्रतिभा और अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का सशक्त मंच मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएँ घर और कार्यस्थल दोनों स्थानों पर अपने दायित्वों का संतुलित निर्वहन करते हुए समाज और संस्थानों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
विशिष्ट अतिथि श्री राजीव कुमार ने कहा कि नराकास के सभी सदस्य संस्थान राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने सदस्य संस्थानों से आग्रह किया कि वे हिंदी के संवर्धन के लिए ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहें, जिससे नराकास भिलाई–दुर्ग भविष्य में और भी उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल कर सके।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में भिलाई इस्पात संयंत्र की महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) सुश्री बोन्या मुखर्जी, महाप्रबंधक (सेल–सेंटर फॉर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) सुश्री परमिता मोहन्ति तथा आईआईटी भिलाई के भौतिकी विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री अंजलि चौधरी शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, भाषा की प्रवाहशीलता, आत्मविश्वास, तार्किकता और विषय की गहराई के आधार पर विजेताओं का चयन किया तथा प्रतिभागियों को वक्तृत्व कौशल से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र की उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) सुश्री अमृता गंगराडे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की अधिकारी (अंकेक्षण) सुश्री शाइस्ता सिद्दीकी को मिला, जबकि तृतीय स्थान बैंक ऑफ बड़ौदा की अधिकारी सुश्री रिमझिम वैष्णव ने हासिल किया। प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त करने वालों में भिलाई इस्पात संयंत्र की स्टाफ नर्स सुश्री शिलमणी ईवा बखला, आईआईटी भिलाई की प्रोजेक्ट असिस्टेंट सुश्री सोनाली पटले, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की शाखा विक्रय कार्यालय की प्रशिक्षु सुश्री गरिमा चन्द्रा, भारतीय जीवन बीमा निगम की विकास अधिकारी सुश्री प्रिया अग्रवाल तथा सशस्त्र सीमा बल की आरक्षी सुश्री भाबड़ वर्षा सुनील शामिल रहीं। सभी विजेताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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