


प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि अवैध प्रवासियों को ब्रिटेन पहुंचने से रोकना सरकार की पहली प्राथमिकता l
Report manpreet singh

Raipur chhattisgarh VISHESH :ब्रिटेन ने मंगलवार को एक नए क़ानून का प्रस्ताव पेश किया है जिसके अनुसार अवैध तरीक़े से ब्रिटेन आने वालों के यहां एक तरह से शरण पर रोक लग जाएगी. इस क़ानून के तहत ऐसे लोग जो अवैध रास्तों से ब्रिटेन आए हैं वो भविष्य में कभी ब्रिटेन नहीं आ सकेंगे और ब्रितानी नागरिकता के लिए आवेदन भी नहीं कर सकेंगे.
इस क़ानून के बारे में जानकारी देते हुए ब्रितानी प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, “मैं समझता हूं कि कड़े कदमों का प्रस्वात देने वाले इस बिल को लेकर चर्चा होगी. मैं आपको बता सकता हूं कि हमने हर रास्ता अपना कर देख लिया है, कोई रास्ता कारगर साबित नहीं हुआ. मैं फिर से कहता हूं, मेरी नीति स्पष्ट है – ये आपका देश है, आपकी सरकार है. आपको ये तय करना है कि कौन यहां आता है. कोई क्रमिनल गैंग ये तय नहीं कर सकता.”
इस क़ानून के तहत जिन लोगों को एक बार यूके से बाहर डिपोर्ट किया जाएगा वो फिर से यूके नहीं जा पाएंगे और न ही यूके की नागरिकता के लिए आवेदन कर पाएंगे. अवैध रास्तों से यूके आने वालों को हिरासत में लिया जाएगा और हिरासत के पहले 28 दिन उन्हें न तो जमानत मिलेगी और न ही वो न्यायिक जांच की मांग कर सकेंगे.
ब्रिटेन की संसद सालाना तौर पर ये तय करेगी कि कितने लोगों को देश में शरणार्थी के तौर पर पनाह दी दाए. बशर्ते ये शरणार्थी सुरक्षित और वैध रास्तों से आए हों.इस क़ानून के तहत गृह मंत्री को अधिकार होगा कि देश में अवैध तरीकों से प्रवेश करने वाले को वो हिरासत में लें, उन्हें रवांडा या फिर किसी और देश में डिपोर्ट करें. शरण का आवेदन करने की दलील क़ानून के आड़े नहीं आएगी.
सरकार के मुताबिक 18 साल से कम आयु के लोगों, मेडिकली अनफिट लोग या देश को नुक़सान पहुंचाने की आशंका वालों को डिपोर्ट करने में देरी हो सकती है. डिपोर्ट करने के बाद आपके शरण के आवेदन पर विचार होगा.ब्रिटेन में अवैध तरीक़े से आने वाले लोगों की तादाद में भारी इज़ाफ़ा हुआ है. 2018 में इस रास्ते यूके आने वालों की संख्या 300 के आसपास थी. वहीं, ये आंकड़ा 2022 में बढ़ कर 45 हज़ार हो गया था.
ब्रिटेन अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या से चिंतित है. ब्रिटेन और फ्रांस के बीच इंगलिश चैनल है जो क़रीब 40-50 मील चौड़ा है. दुनिया के विभिन्न देशों से प्रवासी अलग-अलग रास्ते अपनाते हुए पहले फ्रांस पहुंचते हैं और फिर इंगलिश चैनल के रास्ते नावों के ज़रिए ब्रिटेन पहुंचते हैं.
ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने इस बारे में बताया है कि इस रास्ते आने वाले अवैध प्रवासियों की संख्या 500 फ़ीसदी तक बढ़ी है. सुएला ने कहा है कि प्रवासी तब तक यहां आना बंद नहीं करेंगे जब तक ब्रिटेन ये स्पष्ट नहीं करेगा कि अवैध तरीके से ब्रिटेन आने पर तुरंत हिरासत में लिया जाएगा और वापस भेज दिया जाएगा.
लेकिन इस प्रस्तावित क़ानून को लेकर ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने कहा है कि सरकार ने इस मुद्दे को अराजक बना दिया गया. लेबर पार्टी ने कहा, “इंग्लिश चैनल पर क्रिमिनल गैंग्स का नियंत्रण हो गया है और सरकार ऐसा होने दे रही है. अगर सरकार इस बात को लेकर गंभीर है तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझौते की बात करनी चाहिए ताकि फ्रांस और यूरोप भी इसमें शामिल हों.”
वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने भी इस नए प्रस्तावित क़ानून पर पर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी यूएनएचसीआर ने कहा है कि ये ब्रिटेन के मानवाधिकार के सम्मान करने वाली परंपरा को तोड़ना तो होगा ही साथ ही संयुक्त राष्ट्र की रीफ्यूजी कन्वेन्शन की भी अवमानना होगी.





















