




केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन में दिया विकसित भारत @2047 का संदेश; शहरी परिवहन के ऐतिहासिक विस्तार पर जोर
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने बताया कि 2014 में 248 किलोमीटर से बढ़कर भारत का मेट्रो नेटवर्क 1,185 किलोमीटर से अधिक; 26 शहरों तक पहुंची मेट्रो सेवा

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने ओडिशा की ‘अमा बस’ सेवा की सराहना; केंद्र-राज्य समन्वय को बताया आधुनिक शहरी विकास की ताकत
Raipur chhattisgarh VISHESH / भुवनेश्वर, 23 अक्टूबर 2026। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) कॉन्फ्रेंस एंड एग्जीबिशन 2026 का शुभारंभ हुआ। ‘डिजिटल युग में शहरी सुगमता और जीवन की गुणवत्ता’ (Urban Accessibility and Liveability in the Digital Age) विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माता, शहरी प्रशासक, परिवहन विशेषज्ञ और मेट्रो रेल निगमों के प्रतिनिधि शहरी परिवहन के भविष्य पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
नागरिकों की सुगमता और गरिमा ही शहरी विकास का वास्तविक पैमाना: श्री तोखन साहू
सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि शहरी विकास का वास्तविक पैमाना केवल सड़कों, मेट्रो लाइनों और परिवहन की गति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि आम नागरिक का जीवन कितना सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बना है। स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए सुलभ एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित भारत के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक भारत की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी के शहरों में निवास करने का अनुमान है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच आधुनिक परिवहन व्यवस्था, बेहतर बुनियादी ढांचा और नागरिक-केंद्रित सुविधाएं विकसित करना समय की आवश्यकता है।
248 किलोमीटर से बढ़कर 1,185 किलोमीटर से अधिक हुआ मेट्रो नेटवर्क
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने देश में शहरी परिवहन के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में भारत का परिचालित मेट्रो नेटवर्क लगभग 248 किलोमीटर था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 1,185 किलोमीटर से अधिक हो गया है। मेट्रो सेवाओं का विस्तार देश के 26 शहरों तक पहुंच चुका है। यह आधुनिक शहरी परिवहन के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC), क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सुविधाएं यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सुविधाजनक बना रही हैं। वहीं, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा जैसी पहल सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं
श्री तोखन साहू ने ओडिशा की सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक बस सेवाएं, डिजिटल सुविधाएं और यात्री-केंद्रित परिवहन व्यवस्था शहरी जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय राज्यों के साथ मिलकर शहरी परिवहन के आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के मार्गदर्शन में शहरी विकास की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए आवश्यक बताया।
विकसित भारत @2047 की दिशा में टिकाऊ शहरी गतिशीलता
अपने संबोधन में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि भारत का शहरी विकास मॉडल आधुनिक तकनीक, समावेशिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के समन्वय पर आधारित होना चाहिए। डिजिटल समाधान, सार्वजनिक परिवहन का विस्तार और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप शहरी नियोजन आने वाले समय में शहरों की कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन में होने वाला विचार-विमर्श और अनुभवों का आदान-प्रदान देश की शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान करेगा।
उद्घाटन समारोह में भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र, ओडिशा की मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री सत्येंद्र सिंह, राजधानी विकास विभाग की सचिव श्रीमती डी. थारा सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








